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संगठन का परिदृश्‍य

भारत की सबसे बड़ी विद्युत कंपनी, एनटीपीसी की स्‍थापना 1975 में भारत के विद्युत विकास में तेजी लाने के लिए की गई थी। जबकि एनटीपीसी एक ताप विद्युत कंपनी है, अब यह विद्युत उत्‍पादन व्‍यापार की संपूर्ण मूल्‍य श्रृंखला में उपस्थिति के साथ एक वैविध्‍यपूर्ण विद्युत कंपनी के रूप में उभर रही है। विद्युत उत्‍पादन के अलावा, जो कंपनी का प्रमुख कार्य है, एनटीपीसी ने परामर्श, विद्युत व्‍यापार, राख उपयोगिता और कोयला खनन में उद्यम आरंभ कर दिया है।

आज फोर्ब्‍स सूची में ‘’‍वर्ष 2016 के लिए विश्‍व की 2000 सबसे बड़ी कंपनियों में’’ एनटीपीसी का 400 वां स्‍थान है। एनटीपीसी मई, 2010, को यह प्रतिष्ठा प्राप्त करने वाली सम्मानित चार कंपनियों में से, एक महारत्न कंपनी बन गई ।

एनटीपीसी के विकास क्षमता और पीढ़ी स्थापित

 

NTPC PLF Graph

 

Growth in Installed Capacity
Growth in Installed Capacity

 

कंपनी की कुल संस्‍थापित क्षमता 50,750 मेगावॉट (संयुक्‍त उद्यम सहित) जिसमें देश भर में स्थित 19 कोयला आधारित और 7 गैस आधारित स्‍टेशन शामिल हैं। संयुक्‍त उद्यम के तहत 9 स्‍टेशन कोयला आधारित हैं तथा 11 अक्षय ऊर्जा परियोजनाएं भी है  । कंपनी ने वर्ष 2032 तक 1,28,000 मेगावाट की स्थापित विद्युत् क्षमता पैदा करने का लक्ष्य स्थापित किया है । इस क्षमता में विविध मिश्रित ईंधन होंगे जिसमे शामिल है 56% कोयला, 16% गैस, 11% परमाणु ऊर्जा, और हाइड्रो सहित 17% नवीकरणीय ऊर्जा स्रोत । वर्ष 2032 तक, गैर जीवाश्म ईंधन आधारित उत्पादन क्षमता एनटीपीसी की पोर्टफोलियो का लगभग 30% होगी । एनटीपीसी ने एक बहुदिशा वृद्धि कार्यनीति अपनाई है, जिसमें हरित क्षेत्र परियोजनाओं, मौजूदा स्‍टेशनों के विस्‍तार, संयुक्‍त उद्यमों, सहायक कंपनियों और स्‍टेशनों के अधिग्रहण के माध्‍यम से क्षमतावर्धन सम्मिलित है।

एनटीपीसी के संयंत्र उच्‍च दक्षता स्‍तरों पर प्रचालित किए जाते हैं। जबकि कंपनी में कुल राष्‍ट्रीय क्षमता की 17.73 प्रतिशत हिस्‍सेदारी है, यह उच्‍च दक्षता पर अपना ध्‍यान केन्द्रित करने के कारण कुल विद्युत उत्‍पादन में 25.91 प्रतिशत का योगदान देता है।

अक्‍तूबर 2004 में एनटीपीसी ने नवीन अंक के रूप में 5.25 प्रतिशत के अपने आरंभिक पब्लिक ऑफर (आईपीओ) और 5.25 प्रतिशत भारत सरकार द्वारा बि‍क्री के लिए आरंभ किए। इस प्रकार नवम्‍बर 2004 में एनटीपीसी सरकार की 89.5 प्रतिशत इक्विटी शेयर पूंजी के के साथ एक सूचीबद्ध कंपनी बन गई। फरवरी 2010 में, आगे के सार्वजनिक पेशकश के माध्यम से भारत सरकार की शेयरधारिता 89.5% से कम होकर 84.5% हो गयी । भारत सरकार फ़रवरी 2013 में ओऍफ़एस  मार्ग के माध्यम से 9.5% शेयर विनिवेश किया है। इसके साथ ही, एनटीपीसी में भारत सरकार की हिस्सेदारी 84.5% से 75% तक में कमी आई है। इसके शेष भाग संसाधक निवेशक और जनता के पास हैं।

मानव संसाधन से संबंधित सभी नीतियों को मार्गदर्शन प्रदान करने वाला मंत्र प्‍लांट लोड फैक्‍टर के पीछे एनटीपीसी के कर्मी हैं। वर्ष 2014 के लिए बड़े संगठनों के बीच एनटीपीसी को कार्य करने के लिए इकोनॉमिक टाइम्‍स की सहायता से इंडिया चेप्‍टर में ग्रेट प्‍लेसिस टू वर्क इंस्‍टीट्यूट द्वारा चुना गया है।

नैगम सामाजिक दायित्‍व की संकल्‍पना एनटीपीसी की संस्‍कृति में गहराई से समाहित है। अपनी विस्‍तृत सीएसआर पहलों के जरिए एनटीपीसी विद्युत स्‍टेशनों के आस पास रहने वाले समुदायों के साथ आपसी भरोसा विकसित करने के लिए तत्‍पर रहता है।

NTPC, Sipat plant
NTPC, Singrauliplant