कारपोरेट नागरिकता

व्यक्तियों का सशक्तीकरण

शिक्षा

"शिक्षा के संवर्धन में निवेश की गई राशि व्यक्तियों को उसी प्रकार बहुआयामी प्रतिलाभ प्रदान करती है जैसे कि अच्छी मिट्टी में बोया गया बीज बहुत अच्छी फसल देता है " ।

एनटीपीसी ने प्रत्येक स्टेशनों पर अपने सीएसआर-सीडी बजट में 15-20 प्रतिशत राशि शिक्षा के लिए निर्धारित की है । शिक्षा संबंधी विभिन्न कार्य इस प्रकार हैः-

  • शिक्षा के सार्वजनीकरण को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों को अंगीकार करके और कार्यक्रम शुरू करके प्राथमिक शिक्षा की सुविधा प्रदान करना
  • ग्रामीण संस्कृति एवं खेलकूद ; प्रौढ़ शिक्षा केंद्र ; लड़कियों के शिक्षा के कार्यक्रमों को बढ़ावा देना
  • शिक्षा के लिए सहायक उपकरणों एवं उपस्करों, छात्रवृत्ति और स्पांसरशिप की व्यवस्था


 

एनटीपीसी की अपने कर्मचारियों के बच्चों और आसपास के क्षेत्रों के बच्चों को उत्तम कोटि की शिक्षा प्रणाली और सहायक गतिविधियां उपलब्ध कराने के लिए घनिष्ठ प्रतिबद्धता विद्युत परियोजनाओं में वर्तमान में संचालित किए जा रहे 48 स्कूलों से परिलक्षित होती है जिनमें लगभग 40,000 छात्र लाभांवित हो रहे हैं । इन स्कूलों का प्रबंध अन्य समितियों के साथ-साथ डीपीएस सोसायटी, डीएवी सोसायटी, चिन्मय मिशन ट्रस्ट, सेंट जोसेफ सोसायटी और केंद्रीय विद्यालय संगठन जैसी प्रमुख शैक्षिक समितियों द्वारा किया जा रहा है । आवश्यकतानुसार अवसंरचनात्मक एवं वित्तीय सहायता देने के साथ-साथ एनटीपीसी अपनी प्रत्येक संस्था के लिए अर्हक शिक्षकों की उपलब्घता तथा वार्षिक शैक्षिक योजनाओं की क्वालिटी सुनिश्चित करने के लिए अपेक्षित सहयोग भी प्रदान करता है ।

कोचिंग क्लास

एनटीपीसी विद्युत परियोजना टाऊनशिप में ऐसे छात्रों के लिए कोचिंग क्लास चलाने के लिए 50% सब्सिडी भी देता है जो इंजीनियरी और मेडिकल के क्षेत्र में उच्चतर अध्ययन करना चाहते हैं ।

प्रधानाचार्यों और शिक्षकों को प्रशिक्षण

एनटीपीसी शिक्षा को अधिक दक्ष, प्रभावी एवं सुखद बनाने के लिए शिक्षकों के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करता है जिससे उनसे शिक्षण एवं तकनीकी कौशल का उन्नयन किया जा सके । इसके अलावा प्रधानाचार्यों के लिए भारत के प्रमुख व्यवसाय स्कूल - इंडियन इंस्टीटय़ूट आफ मैनेजमेंट, अहमदाबाद के माध्यम से कार्यशालाएं भी आयोजित करता है । इन स्कूलों में उन्नत शैक्षिक मानकों, अभिनव अतिरिक्त गतिविधियों, बहुमूल्य शिक्षा और प्रोफेशनल प्रणाली के क्रियान्वयन के माध्यम से समग्र उत्कृष्ठता सुनिश्चित की जाती है ।

अतिरिक्त गतिविधियां

एनटीपीसी ने राष्ट्रीय नाटय़ विद्यालय और स्पाईक मैके जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं के माध्यम से मेधा प्रतियोगिता, रंगमंच कार्यशालाओं आदि के माध्यम से परियोजना, क्षेत्रीय एवं राष्ट्रीय स्तरों पर बच्चों के लिए प्रश्नोत्तरी (क्विज़) प्रतियोगिताएं आयोजित करके, टाऊनशिप में बच्चों के लिए स्काउंट्स एवं गाईड प्रशिक्षण, खेलकूल गतिविधियों और विभिन्न खेलकूद कार्यों के लिए प्रशिक्षण शिविर लगाकर छात्रों के समग्र व्यक्तित्व विकास की भी पहल की है । बच्चों को अपनी रचनात्मक क्षमता का पता लगाने के लिए सांस्कृतिक सम्मेलनों में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है । छात्रों को परियोजना टाऊनशिप की वीडियो पत्रिकाओं के लिए "न्यूज रीडर" बनने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाता है । इसके अलावा बाल फिल्म सोसायटी से प्राप्त शैक्षिक फिल्में भी टाऊनशिप में केबल टी वी नेटवर्क पर नियमित रूप से दिखाई जाती है ।

सर्वसमावेशी शिक्षा

एनटीपीसी ने अपने परियोजना स्कूलों में सर्वसमावेशी शिक्षा की संकल्पना शुरू करने में भी सफलता पाई है जिससे विशेष आवश्यकता वाले बच्चे भी अन्य बच्चों के साथ-साथ अध्ययन कर सकें । इसका उद्देश्य विशेष आवश्यकता वाले बच्चों को सामाजिक मुख्य धारा में तेजी से, आसानी से और गरिमामय ढंग से लाना सुनिश्चित करना है ।

सर्वसमावेशी शिक्षा पर एक पायलट परियोजना दादरी में शुरू की गई है । आसपास के गांवों से विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की पहचान करके उन्हें शिक्षा सत्र 2005 - 2006 से स्कूलों में प्रवेश दिया गया है । यह मॉडल एनटीपीसी के अन्य स्कूलों में भी अपनाया जाएगा ।

प्रौढ़ शिक्षा

प्रौढ़ शिक्षा के प्रसार की दिशा में एनटीपीसी की सामाजिक पहल को पूरा करने के लिए प्रौढ़ शिक्षा शुरू की गई । कंपनी का उद्देश्य कार्यपरक प्रौढ़ शिक्षा उपलब्ध कराना है जिससे कार्यकौशल से युक्त निरक्षर व्यक्तियों को स्वयं प्रेरित शिक्षा से संपन्न किया जा सके ।

अन्य पहल

एनटीपीसी फाउंडेशन

दिसंबर 2004 में पंजीकृत एनटीपीसी फाउंडेशन शारीरिक विकलांग और समाज के आर्थिक दृष्टि से कमजोर वर्गों की सेवा करने और उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास कर रहा है । यह फाउंडेशन शारीरिक विकलांग और अन्य सीमांत समुदायों की सहायता के लिए आवश्यक निर्धारित क्षेत्रों में सीएसआर गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है ।

एनटीपीसी फाउंडेशन की वर्तमान आवश्यकता के अनुरूप अभी हाल में की गई पहल और प्राथमिकताएं इस प्रकार हैः -

आईसीटी केंद्र

इस फाउंडेशन ने दिल्ली विश्वविद्यालय में विकलांगों के लिए सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) केंद्र स्थापित किया है । एनटीपीसी फाउंडेशन और दिल्ली विश्वविद्यालय द्वारा संयुक्त रूप से स्थापित आईसीटी केंद्र जिसका उद्घाटन अक्तूबर 2008 में किया गया, लगभग 1000 विकलांग छात्रों को सूचना प्रौद्योगिकी कौशल सीखने में सक्षम बनाएगा और उन्हें समाज की मुख्य धारा में लाने में सहायक होगा । इसी प्रकार मैसूर, तिरूवनन्तपुरम, लखनऊ और अजमेर में दृष्टि बाधित छात्रों के लिए केंद्र स्थापित किए गए हैं । इस फाउंडेशन के प्रयासों की सराहना सभी के द्वारा की जा रही है । इसी प्रकार सभी राज्यों में आईसीटी सुविधाएं चरणबद्ध ढंग से स्थापित करने की योजना भी बनाई गई है ।

डीओटी केंद्र

एनटीपीसी फाउंडेशन अपने 10 पॉवर स्टेशनों में स्थित अपने अस्पतालों में इन स्टेशनों की 25 किलोमीटर की परिधि में रहने वाले क्षयरोग (टी.बी.) के मरीजों की चिकित्सा के लिए सीधे पर्यवेक्षणीय उपचार केंद्र (डीओटी केंद्र) चला रहा है । आपकी कंपनी ने केंद्रों को स्थान तथा डॉक्टरों की सेवाएं उपलब्घ कराने के साथ-साथ चल वाहन (मोबाइल वैन) और नैदानिक उपस्कर भी उपलब्घ कराए हैं ।

जिला अशक्त पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी)

एनटीपीसी फाउंडेशन ने एनटीपीसी टांडा में नेशनल इंस्टीटय़ूट फॉर द आर्थियोपैडिकली हैंडीकैप्ड (एनआईओएच) के सहयोग से जिला अशक्त पुनर्वास केंद्र (डीडीआरसी) भी स्थापित किया है जो आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लाभार्थियों को सेवा प्रदान कर रहा है ।

ग्रामीण विद्युतीकरण के लिए वितरित उत्पादन (डीजी)

एनटीपीसी फाउंडेशन वितरित उत्पादन परियोजनाओं के लिए व्यावहारिता रिपोर्ट, विस्तृत परियोजना रिपोर्ट तैयार करने के लिए, ऊर्जा संयंत्र लगाने तथा निधि की कमी को पूरा करने के लिए अनुमोदित परियोजना लागत के 30% तक सीमित अनुदान भी उपलब्घ करा रहा है ।

राहत कार्य

एनटीपीसी राष्ट्रीय आपदाओं या किसी अन्य आपदा के शिकार व्यक्तियों के पास तत्काल राहत पहुंचाता है ।

सुनामी पीड़ितों को सहायता

कर्मचारी अंशदान से 15.2 मिलियन रुपए और कंपनी से 80.0 मिलियन रुपए का दान प्रधानमंत्री राहत कोष में दिया गया ।

7,838 रोगियों को उपचार उपलब्घ कराया गया ।

18,398 ग्रामवासियों और बच्चों को भोजन उपलब्ध कराया गया ।

53 राहत शिविरों में विद्युत आपूर्ति बहाल करने में सहायता की ।

आजीविका

"गरीबी हिंसा का सबसे बदतर रूप है "
- महात्मा गांधी

एनटीपीसी ने गरीबों के रहन-सहन के स्तर की क्वालिटी, कौशल एवं अनुरक्षणीयता को बढ़ाने पर और इस प्रकार उनके लिए आजीविका के अवसर बढ़ाने पर ध्यान केंद्रित किया है । इनमें से कुछ संबंधित गतिविधियां इस प्रकार हैः-

  • व्यवसायिक ट्रेड के लिए प्रशिक्षण का आयोजन
  • सरकार द्वारा प्रायोजित स्कीमों की सुविधा प्रदान करना
  • विशिष्ट लक्ष्य समूहों जैसे महिलाओं, अशक्त, वृद्ध एवं अन्य सीमांत समूहों के लिए स्कीमें
  • विपणन संबंधी समझौते
  • कृषि से भिन्न अन्य लघु आर्थिक अवसरों का सृजन

स्वैच्छिक पहल

एनटीपीसी के स्वयंसेवी अपने स्टेशनों पर शिक्षा, आजीविका, स्वास्थ्य, समर्थन आदि जैसे कई कार्यक्रमों की सहायता से ई-वॉयस (सामूहिक सशक्तीकरण में पहले के लिए कर्मचारी स्वयं सेवी संस्था) चलाते हैं ।

एनटीपीसी के कर्मचारी समूचे देश में 25 ई-वॉयस में अंशदान कर रहे हैं ।