कारपोरेट नागरिकता

आईटीआई का अंगीकरण

एनटीपीसी द्वारा कुशल कार्यबल की गुणता को सुधारने के लिए राज्य एवं केंद्र सरकार द्वारा साझेदारी

भारत में औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) व्यवसायिक शिक्षा की रीढ़ हैं और वे विद्युत उद्योग में कुशल कार्य करने के लिए अपेक्षित कार्यबल उपलब्ध कराते हैं । पिछले वर्षों में इन औधोगिक प्रशिक्षण केंद्रों में कई कमियां हो गई हैं जिनमें प्रशिक्षण ढ़ांचे का लचिला न होना, प्रशिक्षित व्यवसायिक प्रशिक्षकों की कमी होना, आधुनिक उपस्कर एवं मशीनरी की कमी होना और उद्योग के साथ संपर्क कड़ी का कमजोर होना शामिल है । इन कमियों के कारण औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्रों द्वारा तैयार प्रशिक्षित जनशक्ति और उद्योग के लिए अपेक्षित जनशक्ति के बीच बेमेलता आ गई है ।

इन समस्याओं के निराकरण के लिए वित्त मंत्री जी ने अपने बजट भाषण 2007-08 में सरकारी-निजी भागीदारी (पीपीपी) के अंतर्गत औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों के उन्नयन की स्कीम की घोषणा की । इस स्कीम में राज्य सरकार (आईटीआई के स्वामी व्यय करती रहेगी, नये प्रशिक्षकों की नियुक्ति करेगी), केंद्र सरकार (उन्नयन के लिए 25 करोड़ रुपए की निधि उपलब्ध कराएगी) और उद्योग (आईटीआई के संचालन के लिए प्रबंध विशेषज्ञ उपलब्ध कराएगा) के बीच त्रिपक्षीय करार के माध्यम से आईटीआई के उन्नयन की परिकल्पना की गई है ।

एनटीपीसी इस प्रयास में राज्य और केंद्र सरकार के साथ साझेदारी कर रहा है जो देश में व्यवसायिक शिक्षा की गुणता में सुधार करेगा और इसे मांग आधारित बनाएगा जिससे स्नातक उम्मीदवारों के लिए बेहतर रोजगार के अवसर सुनिश्चित किए जा सकें । एनटीपीसी के सभी केंद्रों और परियोजनाओं ने अपने आसपास में क्षेत्रों की तलाश की और आईटीआई के लिए अभिनिर्धारित किया । आईटीआई अपनाने के लिए राज्य सरकारों से सहमति मिलने के बाद, संस्था प्रबंध समिति (आईएमसी) का गठन किया गया । आईएमसी में स्थानीय उद्योग के सदस्य और राज्य सरकार के नामिती शामिल थे । उसके बाद तीन पार्टियों के बीच करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए । एनटीपीसी ने विभिन्न राज्यों में 15 स्थानों पर (कोरबा, बदरपुर, बाढ़, तपोवन विष्णुगढ़, लोहारी-नागपाला, फरक्का, आयमकुल्लम, सिम्हाद्रि, रामागुंडम, कवास, कोलडैम, तालचर-सुपर, अन्ता, मोडा) में करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं । उसके बाद आईएमसी ने संस्था विकास योजना, आईडीपी तैयार की और 2.5 करोड़ रुपए के ब्याज मुक्त ऋण के लिए आवेदन किया । इसकी राज्य स्तरीय संचालन समिति द्वारा जांच की गई है और उनकी टिप्पणियों के आधार पर केंद्र सरकार ने ऋण की मंजूरी दी जो 10 वर्ष के बाद 20 वर्षों की अवधि में बराबर-बराबर वार्षिक किस्तों में देय होगा । पीपीपी स्कीम में आईआईटी को अपनाने के अलावा एनटीपीसी ने फरीदाबाद और दादरी में आईटीआई के उन्नयन के लिए क्रमशः हरियाणा और उत्तर प्रदेश सरकार के साथ भी करार ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए हैं ।

पीपीपी स्कीम के अंतर्गत अपनाए गए समस्त 15 आईटीआई को केंद्र सरकार द्वारा 2.5 करोड़ रुपए का ऋण दिया गया है और उनका उन्नयन कार्य पूरे जोरशोर से चल रहा है । राज्य सरकार इस प्रक्रिया के लिए सुविधा प्रदान कर रही है । अपनाए गए अधिकांश आईटीआई में स्थानीय उद्योग से संबंधित नये ट्रेड भी शामिल किए जा रहे हैं । आईटीआई प्रशिक्षकों को बेहतर शिक्षा देने के लिए प्रशिक्षित किया जा रहा है । प्रशिक्षण कक्षाओं तथा इमारतों की मरम्मत की जा रही है । प्रयोगशालाओं और कार्यशालाओं के लिए नई मशीनरी की खरीद की जा रही है । आईटीआई के पुस्तकालयों के लिए नई पुस्तकें खरीदी जाएंगी । इन परियोजनाओं / संयंत्रों के नोडल अधिकारियों द्वारा विस्तृत कार्य योजना की जांच की जा रही है ।

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ITI students at their workshop

आईटीआई के छात्र अपनी कार्यशाला में।

ITI Students in the class

कक्षा में आईटीआई छात्र।

Students of wiremen trade

एनटीपीसी अन्ता द्वारा अपनाए गए आईटीआई ओलपैड में वायरमैन ट्रेड के छात्रों द्वारा प्रैक्टिकल किया जा रहा है।