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कॉरपोरेट अभिशासन संबंधी दर्शन

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31 मार्च, 2014 को समाप्त तिमाही के लिए निगमित प्रशासन के अनुपालन।

एनएसई और बीएसई के लिए रिपोर्ट

एनटीपीसी में कॉरपोरेट अभिशासन संबंधी दर्शन इस मान्यता पर आधारित है कि कॉरपोरेट अभिशासन दक्षता एवं विकास में सुधार करने तथा निवेशकों के प्रति विश्वास को बढ़ाने का मूल आधार है । कॉरपोरेट अभिशासन संबंधी दर्शन का उल्लेख इस प्रकार हैः

"उत्तम कॉरपोरेट नागरिक के रूप में कंपनी अपने विभिन्न स्टेक धारकों का विश्वास जीतने में ईमानदारी, उदारता, निष्पक्षता, व्यावसायिकता एवं जवाबदेही पर आधारित सशक्त कॉरपोरेट पद्धतियों के प्रति दृढ़ संकल्प है और इन्हीं के द्वारा उसकी दीर्धकालिक सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है । "

हमारा मानना है कि हमारी कंपनी नियामक ढांचे का पूरी तरह पालन करेगी । हमारा कॉरपोरेट ढांचा, कारोबार और प्रकटीकरण पद्धतियां हमारे कॉरपोरेट अभिशासन संबंधी दर्शन के समनुरूप है । पारदर्शिता, जवाबदेही, निष्पक्षता और स्टेकधारकों के साथ गहन संप्रेषण हमारे कामकाज का अभिन्न अंग है । हम सिस्टम प्रेरित निष्पादन और निष्पादन उन्मुखी सिस्टम में विश्वास रखते हैं । हम इन सिस्टमों को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हैं और अपने सभी शेयर धारकों, विशेष रूप से अल्पसंख्यक शेयरधारकों के हितों का संरक्षण करते हैं ।

हमने विकास एवं दक्षता को अभिशासन एवं आचार संहिता के साथ समाविष्ट करने का प्रयास किया है । हमारे मिशन विवरण से प्रेरित होकर हमारा निदेशक बोर्ड ऐसी रणनीतियां एवं नीतियां बनाता है जिनमें विभिन्न स्टेकधारकों जैसे उपभोक्ताओं, शेयरधारकों और कुल मिलाकर समाज के लिए अनुकूलतमीकरण मूल्यों पर ध्यान केंद्रित किया जाता है । सूची करार के प्रावधानों का अनुपालन करने के साथ-साथ हम लोक उद्यम विभाग, भारत सरकार द्वारा जारी कॉरपोरेट अभिशासन संबंधी मार्गनिर्देशों का भी अनुपालन कर रहे हैं ।

कंपनी में निम्नलिखित सिद्धांतों वाली सशक्त कॉरपोरेट अभिशासन की व्यवस्था हैः

विविध विशेषज्ञता वाले बोर्ड द्वारा कंपनी का संचालन
वर्तमान में एनटीपीसी बोर्ड में छह पूर्णकालिक कार्य निदेशक और एक प्रबंध निदेशक हैं जो कंपनी के अध्यक्ष भी हैं । हमारी कंपनी के कार्य निदेशक अपने-अपने कार्य क्षेत्रों में अत्यधिक अनुभवी प्रोफेशनल है, प्रचालन संबंधी मुद्दों, प्रबंध संबंधी सिस्टम और सर्वोत्तम पद्धतियों को अपनाने के संबंध में प्रबंध मण्डल को निदेश देते हैं तथा विभिन्न कानूनी एवं अन्य अपेक्षाओं के अनुपालन पर नजर रखते हैं ।

कंपनी में नौ स्वतंत्र निदेशक और दो निदेशक है जो प्रशासनिक मंत्रालय द्वारा नामित है । कंपनी के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशकों की नियुक्ति भारत सरकार द्वारा विस्तृत चयन प्रक्रिया के माध्यम से की जाती है जिसके अंतर्गत भारत सरकार द्वारा "तलाश समिति " के माध्यम से संबंधित क्षेत्रों में प्रोफेशनलों एवं विशेषज्ञों की भर्ती शामिल है । हमारी कंपनी का मानना है कि स्वतंत्र निदेशक अपने साथ अन्य कंपनियों में कार्य के दौरान प्राप्त हुए समृद्ध अनुभव लेकर आते हैं, परिणामस्वरूप उद्योग में सर्वोत्तम पद्धतियों का अनुपालन किया जाता है ।

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विकेंद्रीकृत निर्णय लेने की प्रक्रिया में हमारे निदेशक बोर्ड की भूमिकाओं एवं जिम्मेदारियों की स्पष्ट परिभाषा हमारी कंपनी का फ्रेमवर्क इस प्रकार तैयार किया गया है कि बोर्ड कंपनी के लिए रणनीतिक मार्गनिर्देश देने और प्रबंध का प्रभावी सिंहावलोकन करने में समर्थ हो सके । बोर्ड के सदस्यों तथा वरिष्ठ कार्यपालकों की भूमिकाएं जिम्मेदारियां स्पष्ट रूप से परिभाषित की गई है जिससे कंपनी तथा इसके शेयरधारकों की जवाबदेही सुगम हुई है । इससे संतुलित प्राधिकार सुनिश्चित हुआ है जिसके कारण एक भी व्यक्ति अप्रदत्त शक्तियों का प्रयोग नहीं कर सकता है ।

बोर्ड की विभिन्न समितियों को निर्णय की शक्ति का प्रत्यायोजन
कंपनी ने बोर्ड स्तर पर विभिन्न समितियों का गठन करने के लिए पर्याप्त कदम उठाए हैं जिससे महत्वपूर्ण मुद्दों को बोर्ड के समक्ष विचारार्थ प्रस्तुत करने से पहले उन पर पूरी तरह ध्यान केंद्रित किया जा सके । इनमें से कुछ समितियों का गठन स्वैच्छिक रूप से किया गया है हालांकि सूची करार में इसके संबंध में कोई कानूनी अपेक्षा नहीं है । इन समितियों में बोर्ड द्वारा अनुमोदन देने से पूर्व निवेश प्रस्तावों पर विचार करने और निर्णय लेने हेतु "परियोजना समिति, " बोर्ड द्वारा निर्धारित समय सीमा तक ठेकों का आबंटन करने के संबंध में "संविदा समिति " , विभिन्न आंतरिक नियंत्रण प्रणालियों और उनके अनुपालन की समीक्षा करने के लिए "प्रबंधन नियंत्रण संबंधी समिति " तथा सरप्लस फंड के प्रयोग, राष्ट्रीय, सार्वजनिक या धर्मार्थ हितों के लिए अंशदान/दान के लिए अनुमोदन देने से संबंधित मामलों के लिए "निवेश/अंशदान उप समिति " शामिल है । बोर्ड की अन्य समितियां इस प्रकार हैं - "लेखा परीक्षा समिति, " "शेयरधारक/निवेशक शिकायत समिति " और "कंपनी की प्रतिभूतियों के आबंटन एवं पश्य-आबंटन कार्यों के लिए बोर्ड समिति " ।

लेखा-परीक्षा समिति का गठन एनटीपीसी में 1995 में ही कंपनी अधिनियम के अंतर्गत 2000 में सांविधिक अनिवार्यता बनने से बहुत पहले ही किया जा चुका था । लेखा-परीक्षा समिति यह सुनिश्चित करती है कि बोर्ड के समक्ष कंपनी की सही एवं वास्तविक वित्तीय स्थिति प्रस्तुत की जाए और इस प्रकार यह प्रबंध की अखंडता का संरक्षण करती है ।

नैतिक एवं जिम्मेदार निर्णयन प्रक्रिया को बढ़ावा देने के लिए प्रमाणिक आचार-संहिता
कंपनी में उसके मिशन एवं उद्देश्यों की पूर्ति के लिए कंपनी के विज़न एवं मान्यताओं के अनुरूप दो अलग-अलग आचार-संहिताएं है - एक बोर्ड के सदस्यों के लिए है और दूसरी वरिष्ठ प्रबंध कार्मिकों के लिए हैं और उसका उद्देश्य कंपनी के कार्यों के प्रबंधन में नैतिक एवं पारदर्शी प्रक्रिया को बढ़ावा देना है । आचार संहिता के अंतर्गत कंपनी की प्रतिभूतियों की कंपनी के भीतर खरीद-फरोख्त करने से संबंधित मुद्दे भी शामिल है ।

आचार संहिता की विस्तृत जानकारी के लिए यहां पर क्लिक करें ।

जवाबदेही की सुस्थापित प्रणाली - निदेशक बोर्ड के निष्पादन का मूल्यांकन
निदेशक बोर्ड तथा निदेशकों के निष्पादन का मूल्यांकन विद्युत मंत्रालय द्वारा किया जाता है जो कंपनी का प्रशासनिक मंत्रालय है । कंपनी के निष्पादन का मूल्यांकन करने के लिए सरकार ने लक्ष्य निर्धारण की ऐसी प्रणाली शुरू की है जिस पर कंपनी और सरकार के बीच सहमति समझौता ज्ञापन के माध्यम से की जाती है । समझौता ज्ञापन प्रणाली में केंद्रीय सार्वजनिक क्षेत्र के उद्यमों का वस्तुनिष्ठ मूल्यांकन करने के लिए वित्तीय निष्पादन, उत्पादकता, मानव संसाधन विकास कार्यों, परियोजना के क्रियान्वयन, प्रचालन निष्पादन जैसे पैरामीटरों के लिए पहले से ही मूल्यांकन मानदंड परिभाषित किए गए हैं ।

बोर्ड के कार्य निदेशकों के निष्पादन का भी मूल्यांकन निष्पादन मूल्यांकन प्रणाली के माध्यम से दो स्तरों पर - प्रथम मूल्यांकन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक के स्तर पर और दूसरा मूल्यांकन मंत्रालय के स्तर पर किया जाता है । सभी निदेशकों की निष्पादन रिपोर्टों की समीक्षा अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक द्वारा की जाती है और मूल्यांकन हेतु मंत्रालय को अग्रेषित की जाती है ।

समयबद्ध एवं संतुलित प्रकटीकरण करने की नीति का अंगीकरण
कंपनी सभी निवेशकों को कंपनी संबंधित समस्त महत्वपूर्ण मामलों का प्रकटीकरण किए जाने में विश्वास रखती हैं । कंपनी के संबंध में घोषणा वास्तविक विवरणों पर आधारित होती है और वेबसाईट पर तथा नियामकों को भी नियमित रूप से स्पष्ट एवं संतुलित तरीके से प्रस्तुत की जाती है ।

अपने शेयरधारकों के बारे में विनियमों से भी अधिक सोचना
एनटीपीसी में दिनांक 31.12.2008 को शेयरधारकों की संख्या 9.67 लाख से भी अधिक थी । इनमें से 99

1/2 रिटेल शेयरधारक हैं और कंपनी ने इन शेयरधारकों को सेवा प्रदान करने के लिए शेयर अंतरण एजेंट की नियुक्ति करने के साथ-साथ आंतरिक निवेशक सेवा विभाग भी स्थापित किया है जिससे इन छोटे शेयरधारकों की शिकायतों के समुचित एवं समय पर निराकरण को सुनिश्चित किया जा सके । निवेशक सापेक्ष सकारात्मक उपाय के रूप में हमने अगस्त 2008 में अनुपूरक ईसीएस सुविधा का प्रयोग करके भुगतान कर अप्रदत्त लाभांश की राशि को क्रेडिट करने का कार्य किया । इस प्रयास के अंतर्गत 1.23 करोड़ रुपए के लगभग 49000 अप्रदत वारंटों का भुगतान किया गया ।

इलैक्ट्रानिक समाशोधन प्रणाली (ईसीएस) आदि के माध्यम से लाभांश के भुगतान हेतु स्थलों की संख्या बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ।

हमारे निदेशक संस्थागत निवेशकों के साथ निरंतर संपर्क रखते हैं और उन्हें कंपनी की रणनीतियों और योजनाओं से अवगत कराते रहते हैं । इस प्रकार के संपर्क के दौरान निवेशक विद्युत क्षेत्र के संबंध में तथा कंपनी के कारोबार के संबंध में विभिन्न विचार व्यक्त करते हैं और बदले में प्रबंधक उनकी चिंताओं का निराकरण करता है तथा कंपनी द्वारा किए जाने वाले उपायों से अवगत कराता है ।

वार्षिक निवेशक एवं विश्लेषक सम्मेलन आयोजित करते हैं जिसमें पूरे बोर्ड की विश्लेषक एवं निवेशक समुदाय के साथ बैठक होती है और उनमें कंपनी के बारे में उनके प्रश्नों एवं चिंताओं का समाधान किया जाता है ।

जोखिम प्रबंध प्रणाली की स्थापना

एनटीपीसी ने कंपनी में जोखिम प्रबंध को संस्थागत बनाने के लिए वित्त वर्ष 2005 में जोखिम प्रबंध नीति बनाई थी । इस नीति का उद्देश्य मूल्य सृजन के अवसरों का अभिनिर्धारण एवं पूंजीकरण करने के लिए जोखिमों का अभिनिर्धारण, आंकलन, मॉनीटर एवं प्रबंधन करना है । उद्योग में प्रचलित सर्वोत्तम पद्धतियों का पालन करने के लिए हमने बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज/नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के साथ सूची करारों के खण्ड 49 के अंतर्गत अनुपालन हेतु फ्रेमवर्क तैयार करने और क्रियान्वित करने के लिए एक प्रतिष्ठित परामर्शदाता की नियुक्ति की है । कंपनी की सभी यूनिटों के साथ विचार-विमर्श करने के बाद एक व्यापक उद्यम व्यापी जोखिम प्रबंध फ्रेमवर्क तैयार किया गया है और समय-समय पर वरिष्ठ प्रबंधन द्वारा जोखिमों की समीक्षा की जा रही है ।

ग्राहक संबंध प्रबंधन

एनटीपीसी स्वतः अपने सभी स्टेकधारकों और ग्राहकों को सतत सहयोग दे रहा है । अपने ग्राहक संबंध प्रबंधन कार्यक्रम के अंतर्गत कंपनी ने विद्युत क्षेत्र के समग्र विकास के सुस्पष्ट उद्देश्य से प्रचालन एवं अनुरक्षण, अनुसंधान एवं विकास, वित्त, सूचना प्रौद्योगिकी आदि जैसे चुने हुए क्षेत्रों में ग्राहकों को सेवाएं/सहयोग देना शुरू कर दिया है ।

समाज के प्रति अविभाजित प्रतिबद्धता

एनटीपीसी अपने स्थापना काल से ही प्रतिबद्ध एवं सामाजिक दृष्टि से जिम्मेदार कॉरपोरेट रहा है । कंपनी ने विद्युत स्टेशनों के आसपास के क्षेत्रों में सीएसआर गतिविधियां चलाने के लिए कॉरपोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व - सामुदायिक विकास (सीएसआर - सीडी) नीति भी बनाई है और उसे अंगीकार किया है । राष्ट्रीय स्तर पर रणनीतिक हस्तक्षेप करके सामाजिक विकास के महत्वपूर्ण क्षेत्रों के लिए "एनटीपीसी फाउंडेशन " की स्थापना भी की है ।