सेवाएं एवं पहल

नेत्रा के बारे में

एनटीपीसी एक प्रौद्योगिकी प्रेरित कंपनी है और उभरती हुई प्रौद्योगिकियों के अनुरूप अपने आप को ढालने और अनुसंधान एवं विकास के माध्यम से प्रौद्योगिकियों को अद्यतन करने संबंधी जरूरतों को पूरी तरह से सुनियोजित करती है। कंपनी अनुसंधान एवं विकास के ऐसे प्रतिमान स्थापित करने के लिए विशेष रूप से संवेदनशील है जो यह कर सकती है अर्थात जिसकी संभावनाएं मौजूद हैं। इसके लिए एनटीपीसी एक बहुआयामी पहल कर रहा है। अनुसंधान एवं विकास केंद्र (1981 में स्थापित) और ऊर्जा प्रौद्योगिकियों के विलय के बाद वर्ष 2009 में नेत्रा अस्तित्व में आया |

उपलब्धता, विश्वसनीयता और दक्षता में सुधार के लिए  एनटीपीसी और बाहरी विद्युत कंपनियों को वैज्ञानिक समर्थन देने के अलावा जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट  प्रबंधन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा, दक्षता में सुधार और लागत में कमी ध्यान देने योग्य क्षेत्र हैं।

अनुप्रयुक्त अनुसंधान के माध्यम से अत्याधुनिक (कटिंग एज) प्रौद्योगिकियों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है जो लागत में कमी करने और पर्यावरण संरक्षण में सहायक सिद्ध होगा। एनईटीआरए (नेत्रा) जलवायु परिवर्तन, नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा के क्षेत्र में लागत प्रभावी प्रौद्योगिकियों के विकास, ताप विद्युत उत्पादन की दक्षता एवं विश्वसनीयता बढ़ाने और कार्बन डाईऑक्सालइड (CO2) के उत्सर्जन को कम करने अर्थात अपशमन / निर्धारण करने के लिए संस्थानों / संगठनों के साथ एक सुव्यवस्थित नेटवर्क के रूप में कार्य कर रहा है। यह इन क्षेत्रों में नेटवर्किंग के लिए कई अंतरराष्ट्रीय संस्थानों / संगठनों के साथ  द्विपक्षीय बातचीत भी कर रहा है।

बलाघातिक आउटऐज (Forced outages) को कम करने के लिए प्रौद्योगिकियों का विकास करने, महत्वपूर्ण घटकों की बुद्धिमत्तापूर्वक निगरानी हेतु ऑनलाइन सुविधा स्थापित करने, कोरोजन की वजह से होने वाले संभावित नुकसान को समझने  और उचित समाधान आदि उपलब्ध कराने के लिए पहल की जा रही है। उत्पादन की लागत को कम करने के लिए प्रयास किया जा रहा है। इसके लिए महत्वपूर्ण घटकों की वस्तु स्थिति का सही और उचित मूल्यांकन, नैदानिक उपकरणों का विकास और पर्यावरणीय तथा सुरक्षा संबंधी शर्तों का अनुपालन सुनिश्चित करते हुए या तो ओवरहाल साईकल बढ़ाया जाता है या ओवरहाल की समयावधि कम की जाती है। स्वच्छ  और किफायती विद्युत उत्पादन पर विशेष जोर दिया जाता है। जलवायु परिवर्तन, अपशिष्ट प्रबंधन आदि के क्षेत्रों में पेटेंट फाईल किए गए हैं।

उच्च स्तर के अनुसंधान के लिए एक अनुसंधान सलाहकार परिषद (आरएसी) का गठन किया गया है, इसमें भारत और विदेश से प्रख्यात वैज्ञानिकों और विशेषज्ञों को शामिल किया गया है ताकि नेत्रा का सही ढंग से मार्ग प्रशस्थं किया जा सके। प्लांटों के निष्पादन में सुधार करने और विद्युत उत्पादन की लागत को कम करने के लिए दिशानिर्देश प्रदान करने हेतु एक इन-हाउस वैज्ञानिक सलाहकार परिषद (एसएसी) का भी गठन किया गया है।

मुख्य विशेषज्ञता विद्युत क्षेत्र के स्थाई विकास हेतु स्टेरशनों को उनके निष्पादन में सुधार करने, जीवनकाल बढ़ाने और स्व्च्छ  तथा किफायती विद्युत उत्पादन के लिए प्रौद्योगिकियों के विकास हेतु वैज्ञानिक समर्थन प्रदान करने में निहित है।

नेत्रा आईईए (International Energy Agency) जीएचजी (Green House Gases) अनुसंधान एवं विकास (R&D) कार्यक्रम फ्रांस, आईईआरई (Institute for Environmental Research & Education) जापान और सीएसएलएफ (Carbon Sequestration Leadership Forum) फ्रांस का एक सदस्य है।  नेत्रा  राष्ट्रीय बॉयलर बोर्ड प्रमाणित आरएलए (Remaining Life Assessment) एजेंसी है।

NETRA