शिकायतकर्ता की पहचान उजागर नहीं की जाएगी।शिकायत डाटा को एन्क्रिप्टेड रूप में रखा जाएगा।शिकायत केवल सीवीओ एनटीपीसी द्वारा ही देखी जाएगी।